कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने आरोप लगाया है कि खरगे ने राज्यसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म-26) में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया। शिकायत में कहा गया है कि 31 मार्च 2023 तक कलबुर्गी स्थित इस ट्रस्ट की कुल संपत्ति लगभग 36.86 करोड़ रुपये थी और इसके संस्थापक स्वयं मल्लिकार्जुन खरगे हैं।
दिनेश कल्लाहल्ली का आरोप है कि ट्रस्ट की संपत्तियों, वित्तीय हितों और उससे संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को चुनावी हलफनामे में सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने अपनी शिकायत के समर्थन में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार ने जानबूझकर या अनजाने में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता ने कर्नाटक विधानसभा सचिवालय से पूरे मामले की कानूनी समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े ट्रस्टी विवरण, ऑडिट रिपोर्ट, आयकर दस्तावेजों और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चुनावी हलफनामे में सभी आवश्यक जानकारियां दी गई थीं या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में जानकारी छिपाने या अधूरी जानकारी देने की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस मामले पर अभी तक मल्लिकार्जुन खरगे या कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ शिकायतः सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर विवाद...
Source: Pulse-24